
# मंडला में ऐतिहासिक नर्मदेश्वर कांवड़ यात्रा: आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम
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मंडला MP हेमंत नायक महाराजपुर
मंडला न्यूज़ सावन सोमवार–महिष्मति घाट से निकली ऐतिहासिक नर्मदेश्वर कांवड़ यात्रा का मंडला में जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया। श्रावण मास में इस विशेष परंपरा ने अपनी एक नई पहचान बनाई है। सावन के अंतिम सोमवार को, नमामि नर्मदे महाआरती ट्रस्ट, महिष्मति घाट के तत्वावधान में पहली बार इस ऐतिहासिक यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों शिवभक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
- यात्रा का भव्य आरंभ
सुबह 9 बजे, मंत्रोच्चार और “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ यात्रा का आरंभ हुआ। सबसे पहले महिष्मति घाट पर विधि-विधान से मां नर्मदा का पूजन और महाआरती की गई। इसके बाद, सैकड़ों की संख्या में शिवभक्तों ने कांवड़ में नर्मदा का पवित्र जल भरा और व्यास नारायण मंदिर, किला घाट की ओर प्रस्थान किया।
इस यात्रा का मुख्य आकर्षण शिवलिंग की एक भव्य झांकी थी, जिसे फूलों, बैंड-बाजों और ढोल-नगाड़ों से सजाया गया था। इस दौरान पूरे रास्ते में भक्ति, उत्सव और श्रद्धा का एक अद्भुत संगम देखने को मिला।
- जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की भागीदारी
इस भव्य आयोजन में मंडला के सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम, नगरपालिका अध्यक्ष विनोद कछवाहा, जिला पंचायत सदस्य शैलेष मिश्रा, कलेक्टर सोमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा, और सीईओ जिला पंचायत श्रेयांश कूमट सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। उन्होंने स्वयं कांवड़ सेवा की और भगवान भोलेनाथ की पालकी भी उठाई। पुलिस बैंड द्वारा बजाई गई मां नर्मदा आरती की धुन ने यात्रा को और भी दिव्य बना दिया।
- यात्रा मार्ग और समापन
कांवड़ यात्रा महिष्मति घाट से शुरू होकर सर्किट हाउस चौक, नेहरू स्मारक, बैगा-बैगी चौक, रेडक्रॉस, बड़ चौराहा, उदय चौक, बुधवारी बाजार होते हुए किला घाट स्थित व्यासनारायण मंदिर परिसर में संपन्न हुई। इस दौरान 151 कांवड़ यात्रियों ने व्यास नारायण मंदिर में शिवलिंग पर मां नर्मदा का पवित्र जल अर्पित किया। मंदिर परिसर में हवन और आरती का आयोजन भी किया गया, जिसमें जिलेवासियों के कल्याण की कामना की गई। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में फलाहार भी वितरित किया गया।
- नगर में भव्य स्वागत
कांवड़ यात्रियों का नगर के विभिन्न चौक-चौराहों पर दिल से स्वागत किया गया। नगर के धर्मप्रेमी लोगों ने तिलक-वंदन और पुष्पवर्षा कर उनका सम्मान किया। नगरपालिका परिषद ने भी यात्रा पर पुष्पवर्षा की। यात्रा मार्ग में, श्रीराम मंदिर और श्री हनुमान मंदिर, बुधवारी चौक पर श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन कर प्रसाद ग्रहण किया। विभिन्न सामाजिक संगठनों ने कांवड़ यात्रियों के लिए ठंडे जल की व्यवस्था की।
- आस्था और अनुशासन का अनूठा मेल
पूरी यात्रा के दौरान, नगर में आस्था और अनुशासन का अद्भुत मेल दिखाई दिया। भक्तगण भगवा वस्त्र, कांवड़, त्रिशूल और शिव ध्वज के साथ भक्ति भाव में लीन थे। युवा ढोल और बैंड की ताल पर शिव तांडव का उल्लास से स्वागत कर रहे थे, जबकि बुजुर्ग श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के नाम में मग्न थे।
- सुनियोजित व्यवस्थाएं और भविष्य की योजना
नमामि नर्मदे महाआरती ट्रस्ट ने इस आयोजन की सभी व्यवस्थाएं बहुत ही सुनियोजित ढंग से की थीं, जिसमें साफ-सफाई, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा और ट्रैफिक नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया गया। कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों के साथ-साथ युवाओं ने भी इस आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
यह यात्रा मंडला में अब हर वर्ष श्रावण मास में एक विशेष परंपरा के रूप में आयोजित की जाएगी, जिससे मंडला की धार्मिक पहचान को एक नई दिशा मिलेगी। यह पहल शहरवासियों के लिए भक्ति और आस्था का एक महत्वपूर्ण अवसर बन गई है।
कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने कहा, “यह यात्रा हमें भगवान शिव के प्रति अपनी भक्ति व्यक्त करने का अवसर देती है और नर्मदा के पवित्र जल से भगवान का अभिषेक करने के लिए निकाली जाती है।”
पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने कहा, “इस यात्रा का उद्देश्य भक्ति और आस्था को प्रदर्शित करना और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करना है।”
पंडित नीलू महाराज ने बताया, “यह यात्रा आमतौर पर सावन के महीने में सोमवार को निकाली जाती है, और यात्रा के दौरान भक्त ‘बोल बम’ और ‘हर हर महादेव’ के जयकारे लगाते हैं।”
बड़ चौराहा में सिंधी समाज ने पुष्पवर्षा कर और उदय चौक में पत्रकार परिषद ने पेयजल वितरण कर कांवड़ यात्रियों का स्वागत किया। इस अद्भुत आयोजन ने मंडला के लोगों को एक नई धार्मिक पहचान दी है, जिसे वे आने वाले वर्षों में भी जारी रखने की उम्मीद कर रहे हैं।



